hi_tn-temp/luk/12/35.md

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2021-01-29 16:34:40 +00:00
# x
(यीशु अपने शिष्यों को शिक्षा दे रहा है)
# तुम्हारी कमरें बंधी रहें
वे लम्बा चोगा पहनते थे और काम करते समय उसे ऊपर करके कमर पर बान्ध लेते थे कि उससे रुकावट उत्पन्न न हो। इस निहितार्थ को स्पष्ट करने के लिए इसका अनुवाद इस प्रकार किया जा सकता है, “सेवा में तत्पर रहने के लिए वस्त्रों को कमर में कस लो” या “वस्त्र धारण करके सेवा के लिए तैयार हो जाओ।
# तुम्हारे दीये जलते रहें
“अपने दीये जलते हुए रखो”।
# दीये
ये छोटे कटोरे होते थे जिनमें जैतून का तेल डालकर एक बत्ती लगाई जाती थी जिसे जलाते थे।
# उन मनुष्यों के समान बनों जो अपने स्वामी की बाट देख रहे हैं।
यह एक उपमा है जो यीशु के शिष्यों को यीशु के पुनः आगमन के लिए तैयार रहने की तुलना उन सेवकों से करती है जो अपने स्वामी के लौटने की प्रतीक्षा में खड़े हैं। यह एक शिक्षाप्रद कथा का आरंभ है।
# विवाह से कब लौटेगा
“विवाह उत्सव से कब लौटेगा”